उस चाँद का दीदार करते है,
हाँ, हम तुमसे आज भी प्यार करते हैं|
पर ना कहना चलने को साथ तू,
अब हम साथ किसी और के चलते हैं|
जो तुने किया, हम वो कर नहीं पाएँगे,
दिल उसका तोड़ नहीं पाएँगे|
प्यार न सही, मगर साथ उसका देकर,
हम अपना वादा जरूर निभाएँगे|
- प्रेरणा राठी