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Wednesday, May 29, 2024

या नहीं

हम ढूँढ़ते तो है तुम्हें इस ज़माने में,

पता नहीं मिलोगे भी या नहीं ?

कोई ख्वाब हो या हो हकीकत तुम,

पता नहीं कभी जान पाएँगे या नहीं ?

तुम्हारे ख्याल साथ तो रहते है हमारे,

पता नहीं तुम्हारा हाथ कभी थाम पाएँगे या नहीं ?

हम तो दिल अपना यु ही दे बैठे तुम्हे,

पता नहीं तुम्हे खबर भी है या नहीं ?

छूकर निकल जाते हो बदन को किसी हवा के झोके की तरह,

पता नहीं कभी हमारे बाल सवारोगे या नहीं ?

रहते हो मेरी साँसों में तुम एक एहसास की तरह,

पता नहीं तुम्हें मेरी याद आती भी है या नहीं ?

बाँहो में तुम्हारी हमारे आँसू भी हमे धोखा दे जाते है,

पता नहीं तुम्हारी आँखों से सागर छलकता है या नहीं ?

तुमसे मिलने का ख्याल ही हमारे दिल में हज़ारों रंग भर देता है,

पता नहीं तुम हमसे मिलना चाहोगे या नहीं ?

तुम तो मेरा एक ख्वाब हो, ख्याल हो, एक एहसास हो,

पता नहीं उस खुदा ने तुम्हें बनाया भी है या नहीं ?


                                 - प्रेरणा राठी 





Monday, March 21, 2022

वादा

 उस चाँद का दीदार करते है,

हाँ, हम तुमसे आज भी प्यार करते हैं| 

पर ना कहना चलने को साथ तू,

अब हम साथ किसी और के चलते हैं| 

जो तुने किया, हम वो कर नहीं पाएँगे,

दिल उसका तोड़ नहीं पाएँगे| 

प्यार न सही, मगर साथ उसका देकर,

हम अपना वादा जरूर निभाएँगे| 


                         - प्रेरणा राठी 

उसके बटुए में, और मेरी किताबों में, आज भी तस्वीर किसी और की मिलती हैं, कहने को तो हम जीवन साथी है, पर इश्क़ में तक़दीरें सबकी कहाँ बनती हैं | ...