Kora Kagaz means a blank page, and a blank page can be used by anyone to express their emotions, feeling, and experiences in whichever form they would like to. So, here are some poetries which is also a form of expressing emotions, feelings and experiences, to which people can relate in different ways at different points of time. I hope my poetries would be relatable to people reading them.
Monday, May 13, 2024
मौत का डर
Sunday, January 22, 2023
अच्छा चलता हूँ !
माना कि तेरे साथ चल नहीं पाऊँगा ,
माना कि तेरे साथ हँस नहीं पाऊँगा |
तेरे आँसू, तेरे गम बाँट नहीं पाऊँगा ,
पर तेरा हि हिस्सा बनकर, तुझमे हि बस्ता जाऊँगा |
जाना तो होगा मुझे इस जहान को छोड़ कर ,
खुदा के घर से आया है बुलावा शायद कुछ सोचकर |
तेरे ख्वाबो, हमारे सपनो, अपने वादो को तोड़ कर ,
पर रहूँगा तेरे दिल में हमेशा एक हसींन वक्त बनकर |
इन खूबसूरत आँखों का दरिया हम पर मत बहाना ,
ये बेशुमार मोहब्बत की दौलत हम पर ना लुटाना ,
थाम लेना किसी का हाथ तु ,
और उसमे हि अपना जहान बसा लेना |
तेरे होंठो कि मुस्कुराहट देख, मैं खिल जाऊँगा ,
तेरी आँखों में खुशियों कि चमक देख, मैं तृप्त हो जाऊँगा |
तू जिएगी, तो मैं भी जी जाऊँगा ,
मैं तुझ में हि हूँ, तुझमे हि बसता जाऊँगा |
याद कभी आए मेरी तो चले आना हमारे मकबरे पर ,
मैं तो तेरे गले कि तावीज बन कर, तुझे सलामत करता जाऊँगा |
तेरी साँसे मेरी रूह की धड़कनें है ,
जिस दिन तू ये जहान छोड़ कर जाएगी ,
मैं तुझे आसमान में हि मिल जाऊँगा |
- प्रेरणा राठी
Saturday, April 10, 2021
उलझन - 2
पल -पल बिखर रहा है दिल,
रूह भी तड़प रही है तिल -तिल |
लगता है अंदर कुछ बचा ही नहीं,
पर ये जिस्म बेदर्द पिघलता ही नहीं|
सांस हम ले नहीं पाते,
और जिंदगी हमे छोड़ती नहीं|
दुनिया से हम जुड़ नहीं पाते,
और रिश्तो की डोरी छूटती नहीं|
- प्रेरणा राठी
Sunday, March 7, 2021
बाकी है|
दिल तो टूट ही चुका है, बस साँसो का बिखरना बाकी है|
रूह तो जुदा हो ही चुकी है, बस इस जिस्म का फ़ना होना बाकी है|
खुशियाँ तो बहुत बाँट ली हमने, अब बस गुनाह कमाना बाकी है|
उस खुदा को बहुत मान लिया, अब बेख़ुदाई करना बाकी है|
वफा तो कर ली हमने, अब बेवफाई करना बाकी है|
बहा लिए आँखों से आँसू भी हमने, अंगारों का बरसना बाकी है|
मोहब्बत तो कर ही लि हमने, अब नफरत का होना बाकी है|
- प्रेरणा राठी
उसके बटुए में, और मेरी किताबों में, आज भी तस्वीर किसी और की मिलती हैं, कहने को तो हम जीवन साथी है, पर इश्क़ में तक़दीरें सबकी कहाँ बनती हैं | ...
-
इस दिल में टूट कर बिखर जाने की खवाईश हैं, साथ मिले इसे किसी का, ये भी नुमाइश हैं पर डर सा लगता हैं इसे फना हो जाने में, कहीं रेत बनकर बह ...
-
उस चाँद का दीदार करते है, हाँ, हम तुमसे आज भी प्यार करते हैं| पर ना कहना चलने को साथ तू, अब हम साथ किसी और के चलते हैं| जो तुने किया, हम ...
-
ये जो आसमान में लहरा रहा हैं, वो तिरंगा हमारा हैं। जो कीचड़ में भी खिल जाए, वो कमल हमारा हैं। बरसते बादलों के बीच, जो अपने पंख फैला कर न...